ब्लॉग की दुनिया में आज मैं भी कूद पड़ा। वक्त का तकाज़ा भी था और मेरी मजबूरी भी। मजबूरी ये कि कुछ लिखते रहने की भूख इस ज़रिए थोड़ी- थोड़ी मिटती रहेगी। आज पहला दिन है, सो उन सभी गुरुओं के स्मरण से इसकी Read Original story
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