पुस्तकों की बौछार - धड़ाधड़

Posted on June 25th, 2008
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डा. सुरेन्द्र सोनी की भेजी गयी रमण महर्षि पर पुस्तकें जैसी वासना, वैसा संग्रह। फाउण्टेन पेन की सदैव ललक है मुझे। दर्जनों इकठ्ठा हो जाते हैं। कल ही मेरी पत्नी स्टेशनरी की दुकान से मुझे घसीटती रहीं। Read Original story

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